
संजीव ठाकुर ) संडे विशेष में हमेशा की तरह आज हम आपको बताने जा रहे हैं अम्मा का खाना यह नाम आपने बहुत कम सुना होगा, लेकिन मैं आपको बताता हूं कि आज मेरी मुलाकात हुई अम्मा का खाना के नाम से खाना खिलाने वाली अम्मा वीना मदान जी से, वीना मदान दिल्ली के सेंट्रल मार्केट लाजपत नगर में केएफसी के सामने कई वर्षों से अम्मा का खाना के नाम से छोटी सी रसोई चला रही है, अम्मा की उम्र 70 वर्ष है लेकिन उनके जज्बे में कोई कमी नहीं है अम्मा प्रतिदिन पूरी मेहनत के साथ यहां खाना बेचती है अम्मा का कहना है की बढ़ती महंगाई की वजह से उनका काम सही से नहीं चल रहा है जिसको वजह से कई बार उनका पूरा कहना भी बिक नहीं पाता है और उन्हें कमाना तो दूर की बात बल्कि नुकसान उठाना पड़ता है अम्मा का स्वास्थ्य भी ठीक नहीं रहता है जिसकी वजह से अम्मा पिछले काफी समय से लगातार दवाई खा रही हैं आज के समय में जैसा कि हम अधिकतर जगह देखते हैं की एक दम ठीक लोग जो काम कर सकते हैं वह काम करने के बजाय भीख मांग रहे होते हैं लेकिन 70 साल की उम्र में भी अम्मा का यह जज्बा देखकर मैं दंग रह गया, मैं सबसे निवेदन करता हूं कि जो भी व्यक्ति अगर लाजपत नगर सेंट्रल मार्केट जाए तो अम्मा के यहां से खाना जरुर खाए और अगर कोई व्यक्ति हृदय से अम्मा की मदद करना चाहता है तो जरूर करें, अम्मा के मेहनत और जज्बे की जितनी तारीफ की जाए कम है, बुजुर्गों ने सही ही कहा है अम्मा हो या मां शब्द दोनों भले अलग-अलग हैं लेकिन मतलब दोनों का एक ही है मां से बड़ा कोई फाइटर नहीं।