
(संजीव ठाकुर ) संडे विशेष में आज हमने मुलाकात की विद्या दान महादान के महागुरु अजय अग्रवाल के साथ उनके निवास बहादुरगढ़ में, दिल्ली पुलिस में अपनी सेवाएं देने के साथ-साथ आज के युवाओं को सरकारी जॉब का पता बताने वाले एवं मंजिल तक पहुंचने में हर संभव निस्वार्थ मदद करने वाले गुरु जी के नाम से प्रसिद्ध हो चुके अजय ग्रेवाल की छत वाली पाठशाला में हमने देखा कि जरूरतमंद बच्चों को कैसे निस्वार्थ शिक्षा मुहैया कराई जा रही है इस मौके अजय ग्रेवाल के पिताजी श्री जगबीर सिंह ग्रेवाल जो कि खुद दिल्ली पुलिस से रिटायर्ड है मौजूद थे उन्होंने दिल्ली पुलिस से जुड़े अपने अनुभव सांझा किए और दिल्ली पुलिस को अपना कार्य करते वक्त आने वाली चुनौतियों के बारे में भी बताया हमारी इस मुलाकात हम तब हक्के-बक्के रह गए जब हमारी मुलाकात अजय ग्रेवाल के बेटे कार्तिक ग्रेवाल से हुई, फोर्थ क्लास में पढ़ने वाला यह बच्चा बड़े-बड़े सवालों के जवाब यूं चुटकियों में देता है अगर आप इसके शरीर के किसी भी हिस्से को छुएंगे तो वह भारत के मैप के हिसाब से बता देता है कि यह कौन सी जगह है इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि इस उम्र में इस बच्चे का जनरल नॉलेज का स्तर क्या है अजय ग्रेवाल जी द्वारा दी जाने वाली हर क्लास में यह बच्चा शामिल होता है और देर रात तक पढ़ाई करता है, विद्या दान महादान नाम की इस पाठशाला में सिर्फ़ निस्वार्थ पढ़ाया ही नहीं जाता है यहां पर पढ़ने वाले हर बच्चे पौधा रोपण भी करते हैं इसके बाद गुरुजी बच्चों को विशेष रूप से यह निर्देश देते हैं कि जो पौधा उन्होंने लगाया है इसलिए प्रतिदिन उसे पौधे को पानी देना और उसकी रखवाली करना भी उसका कर्तव्य है इस पाठशाला में बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ संस्कार भी निस्वार्थ सिखाए जाते हैं जैसा कि मैंने अपनी पिछली स्टोरी में बताया था कि इस पाठशाला से अभी तक 3000 से ज्यादा युवा सरकारी जॉब पा चुके हैं जो कि आज के कलयुग में एक सपने जैसा है इसलिए जितने समय हम इस पाठशाला में मौजूद रहे कई युवाओं को उनके अभिभावकों के साथ हमने यहां आते और विचार विमर्श करते देखा और युवाओं का इस पाठशाला के प्रति एक अलग ही विश्वास साफ तौर पर देखा, इस मौके पर अजय ग्रेवाल एवं उनके पिताजी ने कहा कि उनका एक ही उद्देश्य है युवाओं को उनकी मंजिल तक पहुंचाने के लिए हर संभव निस्वार्थ मदद करना।