
(संजीव ठाकुर ) कुछ दिन पहले ही सदर बाजार में भीड़ के बेकाबू होने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था मामले की गंभीरता को देखते हुए, सदर बाजार पुलिस स्टेशन के 11 पुलिसकर्मियों को ड्यूटी में कोताही बरतने के चलते तुरंत प्रभाव से लाइन हाज़िर कर दिया गया था उसे वक्त इस तत्काल कार्रवाई के लिए सदर बाजार के फेडरेशन सहित कई सोशल मीडिया के व्यूवर ने दिल्ली पुलिस की पीठ थपथपाई थी लेकिन उन सब लोगों को यह नहीं मालूम था की मात्र चार घंटे के भीतर इन सभी पुलिस वालों को बहाल कर दिया जाएगा और उसी थाने में लगा दिया जाएगा लोगों ने जब इसके बारे में सुना और पड़ा तो लोगों को यह किसी फिल्म का फिल्मी सीन जैसा ही लगा ऐसे में कई मीडिया रिपोर्ट्स के अंदर यह आरोप भी लगाया गया कि यह सभी पुलिस वाले थाने के SHO के बेहद करीबी थे, हालांकि जब विषय पर हमने डीसीपी नॉर्थ श्री राजा बांठिया से उनका रुख जना तो उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस का इरादा उनको सुधरने की चेतावनी देना था इसलिए उन सभी को वहां से हटाकर जनरल बीट में लगाया गया है साथ में उन सभी को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है और आगे भी उनके कामकाज की बारीकी से निरीक्षण किया जाएगा, लेकिन इन सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जिस दिन यह भगदड़ हुई थी अगर उसे दिन कोई बड़ा हादसा हो जाता तो उसका जिम्मेदार कौन होता और क्या जिन लोगों की तैनाती अब वहां की गई है उनका बारीकी से निरीक्षण कौन करेगा ताकि फिर ऐसी स्थिति उत्पन्न ना हो।