
(संजीव ठाकुर ) नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट के साथ पत्रकार वार्ता में महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर रोशनी जायसवाल को प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि रोशनी का कसूर सिर्फ इतना है कि वह बेटियों की लड़ाई लड़ रही थी। रोशनी जायसवाल ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने वाले भाजपा नेताओं के खिलाफ आवाज उठाई। रोशनी ने भाजपा नेता राजेश सिंह द्वारा दी जा रही दुष्कर्म की धमकियों का भी विरोध किया। इसका खामियाजा आज रोशनी को झेलना पड़ रहा है,अलका लांबा ने कहा कि राजेश सिंह के ट्विटर हैंडल पर महिलाओं को दुष्कर्म की धमकियां देने के सभी सबूत हैं। वह पिछले चार साल से रोशनी जायसवाल को लगातार परेशान कर रहा था। इसे लेकर रोशनी ने वाराणसी के डीएम से मिलकर शिकायत की, लेकिन कुछ नहीं हुआ। कार्रवाई करने के बजाय वाराणसी प्रशासन ने रोशनी को बदनाम करने के लिए उनके घर पर ढोल बजाकर कुर्की का नोटिस चिपका दिया। उन्होंने कहा कि राजेश सिंह को न केवल भाजपा नेताओं द्वारा संरक्षण दिया जा रहा है। बल्कि रोशनी जायसवाल, उनके पति, भाई और पांच अन्य सहयोगियों के खिलाफ मामला भी दर्ज कर दिया गया है। रोशनी के पति, भाई और पांच साथियों को 15 सितंबर को सलाखों के पीछे डाल दिया गया। जबकि राजेश सिंह आजाद घूम रहा है,इस दौरान विनेश फोगाट ने हरियाणा में आइपीएस अधिकारी द्वारा महिला पुलिसकर्मियों के साथ यौन उत्पीड़न का मुद्दा उठाते हुए कहा कि हरियाणा में छह-सात महिलाओं ने कथित रूप से मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर एक एसपी की शिकायत की है, जिसमें बताया गया है कि उनके साथ गलत हुआ है। फोगाट ने आशंका जताई कि आने वाले समय में उन महिलाओं से ये बयान लिया जाएगा कि हमने ऐसा कुछ नहीं कहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उत्पीड़न झेलने वाली सभी महिलाओं की लड़ाई पुरजोर तरीके से लड़ेगी।