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तेज रफ्तार जीवन पर वार

Bythenewsimpact

Feb 5, 2022

तेज रफ्तार कितनी घातक हो सकती है। इसका अंदाजा इन तस्वीरों से लगाया जा सकता है। थोड़ी सी लापरवाही आपके जीवन पर परिवार पर भारी पड़ सकता है। ये तस्वीरों दिल्ली से सटे गौतम बुद्ध नगर की है। कोरोना काल के दौरान सड़क हादसों में काफी इजाफा हुआ।  सड़क हादसो में जितनी मौत हुई उतनी मौत कोरोना से भी नही हुई।

 सरकारी आंकड़ों की माने तो गौतम बुद्ध नगर में  कोरोना काल में यानी  2020 और 2021 में  468 लोगों की मौत  कोरोना  वायरस से हुई। तो  इन दो सालों के दौरान साल 2020 और 21 में  1442 सड़क हादसों हुए जिसमें 700 लोगो को अपनी जान गवांए। और दो सालों के अंदर 1031 लोग घायल हुए।

Gfx साल 2020 में 745 सड़क हादसे हुए जिसमे 380 लोगो की मौत हुई और 528 लोग घायल हुए।

वहीं साल 2021 30 नवंबर तक  697 सड़क हादसे हुए। जिसमे 320लोगों की मौत हुई और 504 लोग घायल हुए।

ये तब था जब साल 2020 में  24 मार्च से  मई तक लॉक डाउन का पीरियड था सड़क पर गाड़ियां नही के बराबर थी वही 2021 में  अप्रैल से सड़कों पर पाबंदी शुरू की गई थी बाबजूद इसके सड़क हादसों में काफी इजाफा हुआ।  वही नोयडा ट्रैफिक पुलिस गणेश कुमार  साहा का कहना है कि हमने एक्सीडेंट रोकने के लिए काफी कदम उठाया है। इन दुर्घटनाओं के पीछे तेज रफ़्तार और शराब पीकर गाड़ी चलाना महत्वपूर्ण कारण है। खाली सड़क होने के चलते लोग ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हैं । इस वजह से ऐसे हादसों में इजाफा हुआ।

TNI News Desk

तेज रफ्तार और शराब पीकर गाड़ी चलाना, मुख्य कारण रहें